


बड़ग बहु-उद्देश्य सहकारी सभा सीमित ने वार्षिक अधिवेशन का किया आयोजन
VR Media Himachal
श्री रेणुका जी। दी बड़ग बहु-उद्देश्य सहकारी सभा सीमित में वार्षिक साधारण अधिवेशन का आयोजन सभा के अध्यक्ष लेखराज रमौल की अध्यक्षता में सभा कार्यालय बड़ग में किया गया। जिसमें सभा सचिव विजय वशिष्ठ ने भागधारकों को सभा बारे विस्तृत जानकारी दी। सभा सचिव ने बताया कि वर्तमान में सभा लगभग 8 करोड़ से अधिक का सालाना कारोबार कर रही है। जिसमें सभा विविध प्रकार के जमा, ऋण, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के साथ DMA, अन्य बैंकों के ATM, लोकमित्र केंद्र, परिवहन के लिए पिकअप ट्रक, उचित मूल्य की दुकान, उचित दाम पर सीमेंट, शरिया व ईंट का कारोबार कर रही है। वर्तमान में दाना घाटों व गनोग पंचायतों के 9 राजस्व गांव के लगभग 600 भागधारक सभा के साथ जुड़े हुए है।
उन्होंने बताया कि सभा में नियमित रूप से कार्यकारिणी की मासिक बैठकें, प्रत्येक वर्ष साधारण अधिवेशन व प्रत्येक पांच वर्षों में चुनाव तथा पदभार सेवानिवृत्त सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है। सभा की कार्यप्रणाली के लिए सभा को विभिन्न स्तर पर पारितोषिक भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि आज के साधारण अधिवेशन में सभा कार्यकारिणी के साथ-साथ गनोग भोज के मौजिज व्यक्ति व लगभग 300 भागधारक सम्मिलित हुए, जिसमें सर्वप्रथम सभा के वित्तवर्ष 2023-2024 के अंकेक्षण पत्र पर चर्चा की गई व वर्तमान के अवशेष पत्र को साँझा किया गया।
उन्होंने बताया कि रेणुका विधानसभा क्षेत्र व विकास खण्ड संगड़ाह में इस प्रकार की एक छत्र के नीचे विभिन्न सेवाएं देने वाली यह एक मात्र प्राथमिक सहकारी सभा है, जिसमें पैसा जमा करने पर स्थानीय लोग भी सुरक्षित महसूस करते है।
इस दौरान सभा सचिव विजय वशिष्ठ ने बताया कि किस प्रकार हमारे भोले भाले लोग बाहर की गैर कृषि सहकारी सभाओं द्वारा ठगे जाते है। ताजा उदाहरण सर्वोहित, ह्यूमन वेल्फेयर जैसी गैर कृषि सभाओं से जिला व प्रदेश के आम नागरिक लगभग 500 करोड़ की ठगी का शिकार हुए है। ऐसी ठग सोसायटी लोगों को अधिक व्याज देने व शीघ्र ऋण देने का लालच देती है, जिससे लोग प्रलोभन में आ कर अपना खून पसीने से कमाया धन भी लुटा देते है। क्योंकि इन सोसायटीयों में एक मात्र निदेशक आजीवन मालिक की भूमिका में रहता है, जो कभी भी धोखा दे सकता है। इसे भुगतना जमाकर्ता व स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों को पड़ता है।
यदि लोग अपने घर की प्राथमिक सहकारी सभाओं को महत्व देते है, तो सहकारी सभा भी उनकी अपनी होगी, भागधारक होने के नाते मालिक भी वह स्वयं होंगे, कर्मचारी भी उनके अपने होंगे, हर पांच वर्ष बाद कार्यकारिणी बदलने की सूरत में देखरेख भी उनकी स्वंय की होगी और सभा द्वारा कमाए जाने वाला शुद्ध लाभ भी उन्ही भागधारकों का रहेगा।